Talk 2 Legends | English Education and Information Essay in Hindi सरस्वती पूजा पर निबंध | Essay on Saraswati Puja in Hindi, 10 Lines on Saraswati Puja in Hindi with PDF

सरस्वती पूजा पर निबंध | Essay on Saraswati Puja in Hindi, 10 Lines on Saraswati Puja in Hindi with PDF

सरस्वती पूजा पर निबंध | Essay on Saraswati Puja in Hindi:

सरस्वती पूजा इस खास दिन को लेकर हम आज सरस्वती पूजा पर निबंध (Essay on Saraswati Puja in Hindi) पड़ेंगे। सरस्वती पूजा भारत में सभी छात्रों के जीवन का महत्वपूर्ण त्योहार है।

सरस्वती पूजा पर निबंध का प्रस्तावना:

माँ सरस्वती को ज्ञान, विधा व बुद्धि की देवी कहा जाता है। हम बसंत पंचमी को माँ सरस्वती की पूजा-अर्चना करते है। इस दिन हम पीले वस्त्र धारण करते है व पीले चावलों का भोजन करते है। इस दिन भगवान को भी पीले पुष्पं अर्पित किये जाते है व पीले ही भोजन का भोग लगाया जाता है। ये त्यौहार माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को मनाया जाता है। इस दिन से बसंत ऋतू का आरम्भ हो जाता है।

सरस्वती का प्रक्ट्ये:

माँ सरस्वती ब्रम्हा जी की पुत्री है। वैसे तो ३ देवियों को एक ही स्वरूप माना गया है परन्तु माँ सरस्वती का अवतार एकमात्र सत्वगुण के आश्रित हो पार्वती जी के शरीर से प्रकट हुई थी तथा जिन्होंने शुम्भ नामक दैत्य का संहार किया था, वे साक्षात् सरस्वती कही गई है। इन्हें शुभे,शारदे व वीणावादिनी,नन्दा आदि के नाम से भी जाना जाता है। ये अष्ट भुजा धारी है। ये इनके हाथो मे बाण,मुसल,शूल,चक्र,शंक,घंटा,हल एवं धनुष धारण करती है।

वर्तमान मे जिसे हम सरस्वती नदी के नाम से जानते है वो भी इन्ही के द्वारा धरती पर देवताओं के आग्रह पर लाई गई थी |पौराणिक कथा के अनुसार ये नदी पुर्ववाहिनी होने पर अधिक पवित्र मानी गई है। पौराणिक कथा के अनुसार पुष्कर शेत्र मे भी सरस्वती नदी का प्रादुर्भाव माना जाता है। वर्तमान मान मे सरस्वती नदी धरती के ऊपरी सतह से विलुप्त हो चुकी है परन्तु वैज्ञानिको का शोध अभी इस पर कार्य भी कर रहा है।

शिक्षण संस्थानों में सरस्वती पूजा:

सरस्वती पूजा एकमात्र ऐसा धार्मिक त्योहार है जिसे भारत के हर शिक्षण संस्थान में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। शिक्षण संस्थान में आयोजित सरस्वती पूजा को लेकर सभी विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखा जा सकता है। सरस्वती पूजा से कुछ दिन पहले, छात्र पूजा की व्यवस्था में भाग लेते हैं, कुछ अल्पना भेंट करते हैं, पूजा घर को सजाते हैं, मूर्तियाँ लाते हैं, आदि।

सरस्वती पूजा के रीति-रिवाज:

हालांकि दुनिया भर में सरस्वती पूजा के रीति-रिवाजों में मामूली अंतर हैं, लेकिन रीति-रिवाज लगभग हर जगह समान हैं। शास्त्रीय नियमों के अनुसार वसंत पंचमी के दिन सुबह सरस्वती पूजा की जाती है। अन्य पूजाओं की तरह सरस्वती पूजा भी नियमानुसार की जाती है।

सरस्वती पूजन का कारण:

बसंत पंचमी के दिन ही माँ सरस्वती का प्रादुर्भाव परमपिता ब्रम्हा जी के मुख से होने के कारण ये त्यौहार मनाया जाता है। माँ शारदे को वाणी की देवी भी कहा जाता है क्युकी जब ब्रम्हा जी ने इन्से वीणावादान का अनुरोध किया तब सम्पूर्ण जगत मे कोलाहल होने लगा। इसलिए ब्रम्हा जी ने इनका नाम सरस्वती रखा। माँ शारदे की पूजा प्रात: कल ब्रम्ह मुहर्त मे करनी चाइए साथ ही माँ का ध्यान-वंदन संध्या कल मे करना चाइए।

सरस्वती पूजन पर 10 लाइन | 10 Lines on Saraswati Puja in Hindi:

  1. माँ सरस्वती का पूजन करने से व्यक्ति को ज्ञान,विवेक व बुद्धि की प्राप्ति होती है।
  2. माँ सरस्वती का पूजन करने वाला व्यक्ति स्व विवेक से अपने जीवन मे सदमार्ग को पा सकता है।
  3. माँ शारदे का पूजन करने वाला व्यक्ति ब्रम्ह लोक को प्राप्त होता है।
  4. माँ शुभे की पूजन करने वाला व्यक्ति अपने विवेक से श्री हरी के बनाये इस मोह-जाल को चीर कर जीवन मे अपने लक्ष्य को पा लेता है।
  5. माँ सरस्वती हमेशा शवेत वस्त्र धारण करती है जो विद्यार्थियों के लिए शांति व सादगी का प्रतिक है।
  6. माँ सरस्वती का वाहन हंस भी शवेत होने के कारण व्यक्ति को हमेशा सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
  7. माँ सरस्वती को अर्पित किया जाने वाला कमल भी हमे अपने जीवन की छवी को निर्मल बनाने को प्रेरित करता है।
  8. माँ शारदे की पूजा करने वाले व्यक्ति की आत्मा निर्मल,चित शांत व वाणी और सवभाव मधुर होते है।
  9. माँ सरस्वती की पूजा करने वाला व्यक्ति कला व शिक्षा के शेत्र मे एक ख्याति प्राप्त करता है।
  10. माँ सरस्वती वीणा धारण करती है जो मनुष्य को गलत कार्यो मे आसक्ति से बचाती है।

निष्कर्ष:

माँ शारदे की पूजा करने वाला व्यक्ति हमेशा एकाग्रचित होकरके अपने लक्ष्य को प्राप्त कर लेता है।

“सरस्वती मया द्रष्टा,वीणा पुस्तक धारणिम |
हंस वाहिनी स्मायुगता,विधा दान करो माम् ||”

हम माता से विनती करते है की हे माँ आप हमे विधा का दान देने की कृपा करे।

सरस्वती पूजा पर FAQs:

Q. मां सरस्वती जी की पूजा क्यों की जाती है?
Ans. 
पौराणिक कहानी के अनुसार देवी मां सरस्‍वती अपने पिता ब्रह्मा जी के मुख से शुक्‍ल पक्ष की पंचमी को प्रकट हुई थीं।

Q. सरस्वती किसकी पुत्री है?
Ans. 
पौराणिक कहानी के अनुसार मां सरस्‍वती ब्रह्मा जी की पुत्री हे।

Q. मां सरस्वती का वाहन कौन सा है?
Ans. मां सरस्वती का वाहन हंस है।

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